Thursday, 22 November 2012

सवर्ण समाज पार्टी- एक राजनैतिक आन्दोलन

जातिगत आरक्षण एवं अन्य कुरीतियाँ देश को खोखला करती जा रही हैं । यह पार्टी प्रतिभा के महत्व को समझती है एवं इस बात को भी कि जब तक देश में प्रतिभा का सम्मान नहीं होगा हम एक विक्सित देश की परिकल्पना को साकार नहीं कर सकते । स.स.पा. जाति आधारित व्यवस्था की विरोधी है किसी जाति की नहीं | जाति कोई भी हो योग्यता हर व्यक्ति की रूचि अनुसार होती है । कोई थोपा हुआ कार्य हर देश में अयोग्यता को बढाता है और रुचिपूर्ण किया गया कार्य क्षमतायों को निखारता है । आरक्षण सिर्फ मृगतृष्णा की तरह दबे कुचले तपके के साथ छलावा और सामान्य वर्ग के साथ अन्याय कर रहा है ।

आरक्षण से आरक्षित वर्ग के लोगों को सिर्फ गुमराह किया गया है । कोई भी व्यवस्था तब तक सार्थक होती है जब उसके परिणाम से देश प्रगति के पथ पर अग्रसर हो लेकिन आरक्षण के माध्यम से देश की प्रतिभायों को विदेशों में पलायन करने के लिए मजबूर किया जाता है । अयोग्यता को बढ़ावा देने से अपराध, आतंकवाद, भ्रष्टाचार, नक्सलवाद, बेरोज़गारी, साम्प्रदायिकता आदि में लगातार बढौतरी होती जा रही है और देश विघटन के चौराहे पर आ खड़ा हुआ है ।

26 जनवरी 1950 को लागू किये गए संविधान में अनुसूचित जाति एवं जनजातियों के सामाजिक उत्थान के नाम पर आरक्षण रूपी सुरसा का सृजन कर संविधान की उद्देशिका के विपरीत अवसर की समानता एवं बंधुत्व बढाने के विचार को ख़त्म कर दिया गया । यह आरक्षण रूपी सुरसा आज़ादी के 60 से भी अधिक वर्षों बाद आज अपने विकरालतम रूप में देश की प्रतिभायों रूपी हनुमानों को निगलने के लिए तत्पर खड़ी है ।

आज़ादी के समय के हालातों के तहत जातिय आरक्षण 10 वर्षों के लिए सामाजिक आवश्यकता थी । जिससे उस समय प्रचलित कुरीतियों के खिलाफ इस समाज को आत्मबल मिल सके । वर्तमान में यह सामाजिक आवश्यकता के स्थान पर वोट बैंक की राजनीति के तहत राजनैतिक हथियार के रूप में उपयोग किया जा रहा है । आरक्षित वर्ग के उन एकलव्यों में कुंठा पैदा हो रही है जो अपनी योग्यता, क्षमता एवं लगन से एकबार फिर अर्जुन को चुनौती देने को तत्पर है, लेकिन आरक्षण रूपी द्रोणाचार्य द्वारा आरक्षित वर्ग का होने का धब्बा लगा कर उनका अंगूठा फिर काटा जा रहा है ।

पिछले 5 सालों से सवर्ण समाज पार्टी की राष्ट्रिय अध्यक्ष के रूप में बागडोर मैं, श्रीमती अर्चना श्रीवास्तव संभाल रहीं हूँ एवं एक विकसित, अकुंठित देश के सपने को साकार करने के लिए पुरज़ोर रूप से कार्यरत हूँ । यह पार्टी पिछले कई वर्षों से इस क्षेत्र में काम कर रही है एवं कई छोटे बड़े चुनावों में प्रत्याशी खड़े करके लोगों को एक स्वच्छ विकल्प देने की कोशिश करती रही है , जो देश हित में विश्वास रखती है न कि स्वहित के लिए देश की रीढ़ में ही चोट पहुचाने की । उचित नेटवर्क न होना एवं संसाधनों की कमी पार्टी की सबसे बड़ी कमजोरी रही है पर वर्तमान परिवेश में hi-tech networking के ज़रिये हम निश्चित ही देश को आरक्षण मुक्त कर सकते हैं । इसलिए सामाजिक संगठनों के जागरूक प्रबुद्धजनों से लेकर आरक्षण विरोधी सभी मंच एवं आम जनता उठिए और सवर्ण समाज पार्टी द्वारा आरक्षण मुक्त भारत की परिकल्पना को शीघ्र साकार करने में सहायक बनिए ।

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